बाराबंकी। जिले में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। दावों के विपरीत कई स्थानों पर हकीकत निराशाजनक है। पाइपलाइन बिछी है, पर टूटी है या सोलर सिस्टम न लगने से पंप नहीं चल रहे हैं। पानी की टंकियों का निर्माण भी कई जगह अधूरा पड़ा है।
पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं।
फतेहपुर के बसारा में दो वर्ष पूर्व शुरू हुई पानी की टंकी का निर्माण कुछ पिलर खड़े कर बंद कर दिया गया। जैदपुर के अब्दुल्लापुर में आठ माह से पानी टंकी का काम अधूरा है। दरावपुर, भानमाऊ, अजपुरा, मिर्जापुर और वैसपुर सहित कई ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था चौपट है। अजपुरा के राजस्व गांव में पाइपलाइन बिछी है, पर टोटी नहीं लगी है। दरियाबाद के मथुरानगर में तीन करोड़ सैंतालीस लाख रुपये से अधिक की योजना वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। यहां पानी टंकी का फाउंडेशन बनाकर काम बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें केवल आधा घंटा पानी मिलता है।
मसौली ब्लॉक की ज्योरी ग्राम पंचायत में पाइपलाइन बिछी है, पर घरों में कनेक्शन नहीं हुए हैं। ग्रामीण अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि पाइपलाइन डालकर खड़ंजा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। गर्मी बढ़ने के साथ पशु-पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ रहा है।
अमृत सरोवरों की बदहाली
गर्मी शुरू होने से पहले ही अमृत सरोवरों की हकीकत सामने आ गई है। अफसरों की अनदेखी से सरोवर सूखे पड़े हैं। सिरौलीगौसपुर के मौलाबाद में 15 लाख रुपये की लागत से एक साल पहले बना सरोवर पानी को तरस रहा है। यह घास और झाड़ियों से पटा है। दुर्जनपुर पट्टी और अमरादेवी गांव के सरोवर अतिक्रमण की चपेट में हैं, जहां ग्रामीण उपले बनाते और पशु बांधते हैं। खंड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता ने बताया है कि जिन सरोवरों में पानी नहीं है, उनमें नहरों से पानी भरवाया जाएगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है। संबंधित ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है कि वह खोदी गई सड़कों की मरम्मत के साथ ही पानी की आपूर्ति कराना सुनिश्चित करें। बजट भी शीघ्र मिलने वाला है।