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Barabanki News: धरातल पर नहीं उतरे प्लान, सड़कों पर जा रही जान

Sat, 18 Nov 2023 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। पांच हाईवे वाला बाराबंकी जिला अब सड़क हादसों के लिए भी पहचाना जाने लगा है। क्योंकि यहां हाईवे से लेकर जिले तक की सड़कों पर यातायात इतना अनियंत्रित हाे गया है कि जरा भी चूक जान पर भारी पड़ रही है। हादसे रोकने के लिए दर्जनों प्लान बनाए गए, मगर यह प्लान कभी धरातल पर नहीं उतरे। हाल यह है कि बीते तीन साल में 1955 सड़क हादसों में करीब 1200 लोग जान गंवा चुके हैं और 2400 से अधिक लोग घायल हो गए। बीते 48 घंटे में शहर कोतवाली, सतरिख व देवा में हुए सड़क हादसों में छह मौतों ने जनमानस को झकझोर कर रख दिया है।
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अवैध कट, उल्टी दिशा में दौड़ रहे वाहन
बाराबंकी। हाईवे पर अवैध कट व सड़क किनारे ट्रकों की अवैध पार्किंग जिले में अब आम बात है। इसके बावजूद वाहनों की गति रोकने व नापने के संसाधन जिले में नहीं हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसान पथ पर रोजाना पांच से छह हजार वाहन उल्टी दिशा में यमराज बनकर दौड़ रहे हैं।

जिले में लखनऊ-अयोध्या, लखनऊ-सुल्तानपुर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बाराबंकी-बहराइच व किसान पथ मिलाकर पांच हाईवे हैं। इनमें सबसे अधिक हादसे करीब 50 किमी लंबे लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर हाे रहे हें। गत दिनों एनएचएआई की पड़ताल में इस हाईवे पर 17 अवैध कट मिले। इन्हें ठीक कराया गया, मगर तीन दिन पहले हुई जांच में तीन अवैध कट फिर बन गए।
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रसौली, सफदरगंज, लक्षबर बजहा, अतरौली, बघौरा व पल्हरी, भेंदुआ, रामसनेहीघाट तक कई स्थानों पर अवैध कट बन गए हैं। इन कटों से जैसे ही कोई वाहन सवार या पैदल यात्री अचानक हाईवे पर पहुंचता है तो इसका परिणाम भीषण हादसा के रूप में सामने आता है। इसी हाईवे पर इंदिरा नहर के पहले बने कट से सीतापुर, हरदोई आदि जाने वाले वाहन किसान पथ पर पहुंचकर उल्टी दिशा में फर्राटा भर रहे हैं। अक्तूबर 2021 में किसान पथ पर बबुरिहा गांव के पास बस-ट्रक की टक्कर में 14 मौतों के बाद भी सबक नहीं लिया गया।








फुटपाथ गायब, सड़कों पर पार्किंग
यातयात को लेकर बनाए गए प्लान किस तरह से असफल हैं, यह देखना है तो ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं। शहर से गुजरे लखनऊ अयोध्या मार्ग पर फुटपाथ गायब हो चुका है। कलेक्ट्रेट, कचहरी, रजिस्ट्री ऑफिस व जिला पंचायत कार्यालय के सामने रोजाना सैकड़ों बाइकें व कार सड़क पर पार्क की जाती हैं। पूरे दिन जाम लगता है। जिम्मेदार भी जानबूझकर आंख मूंदे हैं।






7300 ई-रिक्शा : रूट तय न हाईवे पर लगा प्रतिबंध
तीन साल से ई-रिक्शा यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। एआरटीओ के अनुसार जिले में करीब 7300 ई-रिक्शा हैं। इनमें दो हजार तो शहर व आसपास की सड़कों पर संचालित हाे रहे हैं। बीती जनवरी में एसडीएम, परिवहन, पुलिस, नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक में ई-रिक्शा को लेकर रूट प्लान बना। हाईवे पर इनका संचालन प्रतिबंधित कर शहर में नौ रूट बनाए गए। कलर कोडिंग की गई। मगर यह प्लान एक दिन भी सफल नहीं रहा। हाईवे पर आए दिन ई-रिक्शाें से हादसे हो रहे हैं।





चलेगा अभियान
यातायात व्यवस्था को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। लोगों को लगातार जागरुक किया जा रहा है। शहर में ई-रिक्शा के रूट का पालन कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अवैध पार्किंग पर कार्रवाई होगी।
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- आशुतोष मिश्र, एएसपी उत्तरी
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