बाराबंकी। मसौली थाना क्षेत्र के मलौली गांव में तीन मई को फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार की हुई हत्या आशनाई के चक्कर में हुई थी। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। यह जानकारी शुक्रवार को एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने पुलिस लाइन में दी। बताया कि इस मामले चचेरे भाइयों समेत नामजद किए दस लोग बेकसूर मिले हैं।
डडियामऊ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार विश्वकर्मा फार्मासिस्ट की पढ़ाई पूरी करने के बाद मलौली में मेडिकल स्टोर चलाने के साथ लोगों को सर्दी बुखार दर्द इत्यादि की दवा देता था। तीन मई की रात कुछ लोग उसकी दुकान पर पहुंचे और दरवाजा खुलवाकर उसे बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। सत्येंद्र के पिता की तहरीर पर उसके चचेरे भाइयों समेत 10 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें एक नर्स भी शामिल थी जो सत्येंद्र के साथ काम करती थी।
जांच के दौरान पुलिस को दो अहम सुराग मिले। पहला हमलावरों द्वारा सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने की फुटेज और दूसरा, मृतक के मोबाइल में एक रिकॉर्डिंग जिसमें उसे धमकाया जा रहा था। इस रिकॉर्डिंग से पता चला कि सत्येंद्र का एक लड़की से प्रेम संबंध था, जिसे लेकर मनौली निवासी शुभम अवस्थी से उसका विवाद था। दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। इसी रंजिश के चलते शुभम ने अपने रिश्तेदार श्री राम शुक्ला और दोस्तों पंकज वर्मा और अजय वर्मा के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की साजिश रची।
तीन मई की रात चारों आरोपी मलौली में इकट्ठा हुए और पार्टी करने के बाद सत्येंद्र की दुकान पहुंचे। दरवाजा खुलवाते ही उन्होंने उसे पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने रामनगर कोतवाली क्षेत्र के हरसौली गांव निवासी श्री राम शुक्ला और मुस्काबाद सफदरगंज निवासी पंकज मौर्या को गिरफ्तार कर उनके पास से दो तमंचे, तीन कारतूस, हत्या में प्रयुक्त दो डंडे और बाइक बरामद की है।