डडियामऊ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार की हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन। -संवाद
बाराबंकी। मसौली के मलौली गांव में मंगलवार आधी रात फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार की लाठियों से पीटकर हुई हत्या से गांव में दहशत है। हमलावरों ने सत्येंद्र को बचाने आए दिव्यांग युवक को भी गंभीर चोट पहुंचाई। पिता की तहरीर पर सत्येंद्र के चार चचेरे भाइयों व एक नर्स समेत 10 के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच का दायरा बढ़ाते हुए नौ लोगों से पूछताछ कर रही है।
मसौली के डडियामऊ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार (23) फार्मासिस्ट की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष से मलौली गांव में मेडिकल स्टोर एंड फार्मा नाम से क्लीनिक चला रहे थे। मंगलवार देर रात कुछ अज्ञात लोग मरीज बनकर पहुंचे और शटर खुलवाते ही अचानक लाठियों से हमला कर दिया।
सत्येंद्र भागे लेकिन हमलावरों ने उन्हें दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। उस दौरान पास में मौजूद दिव्यांग विवेक नाग ने सत्येंद्र को बचाने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी कई लाठियां मार दीं और भाग गए। रात में ही पुलिस ने खून से लथपथ सत्येंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां मृत घोषित कर दिया गया।
बुधवार सुबह पिता गंगाप्रसाद ने आरोप लगाया है कि सत्येंद्र का अपने चचेरे भाइयों से लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। कुछ माह पूर्व उनके ढाई लाख रुपये के यूकलिप्टस के पेड़ विपक्षियों ने जबरन कटवा लिए थे। मना करने पर अर्पित ने जान से मारने की धमकी दी थी।
इसके अलावा सत्येंद्र की क्लीनिक में कुछ दिन काम करने वाली नर्स नायरा ने मलौली में ही अलग से अपना अस्पताल खोल लिया था। पुलिस ने सत्येंद्र के चचेरे भाई लालबहादुर, नंद किशोर, संतलाल और राजेंद्र प्रसाद तथा उनके पुत्र अर्पित, विनय और प्रदम के साथ सत्येंद्र की क्लीनिक में काम कर चुकी कथित नर्स नायरा और उसके करीबी आकाश यादव व विवेक यादव पर हत्या का केस दर्ज किया है।
एसएचओ मसाैली सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। जल्द ही वारदात का खुलासा होगा।