योगी सरकार द्वारा दो माह पूर्व सभी तरह की पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों का सत्यापन किए जाने के निर्देश के बाद से आज तक यह कार्य पूरा नही हो सका है। जिससे पेंशन पर ही निर्भर रहने वाले लाभार्थी के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद ही पेंशन भेजने का आदेश निराश्रित महिलाओं व वृद्वजनों के लिए आफत का सबब बना है। हालांकि विभागीय अधिकारी इस माह में पेंशनार्थियों के सत्यापन का कार्य पूर्ण हो जाने तथा उनके खातों में पेंशन की रकम पहुंच जाने का दावा कर रहे हैं।
जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धा, महिला कल्याण विभाग द्वारा विधवा व विकलांग कल्याण विभाग द्वारा लाभार्थियों को पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। जिले में वर्तमान समय में 80905 लाभार्थी वृद्धा तो 39624 लाभार्थी विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। जबकि दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा करीब 14 हजार दिव्यांग इसका लाभ ले रहे हैं। शासन द्वारा पेंशन योजनाओं के सत्यापन तक रोक लगाने के बाद उन लाभार्थियों को दो वक्त के निवाले पर संकट मंडराने लगा। जिनका सिर्फ पेंशन ही एक मात्र सहारा था।
उधर, सत्यापन के लिए लगाए गए कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये से दो माह से सत्यापन कार्य इतना सुस्त हो गया कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां जिले में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन मात्र 80 प्रतिशत हुआ है तो वहीं विधवा पेंशन का सत्यापन मात्र 33 प्रतिशत ही हो सका है।
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के ग्राम रसूलपुर निवासनी जुगरता ने बताया कि उन्हें जनवरी से विधवा पेंशन नहीं मिली है। मेहनत मजदूरी करके जीवनयापन कर रही हैं इसी गांव की रहने वाली शकुंतला का कहना है कि उन्हें आठ महीने से पेंशन नहीं मिली। पुत्र द्वारा मेहनत मजदूरी करके किसी तरह खर्च चल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन पाने वाली राजरानी का कहना है कि उन्हें नवंबर से पेंशन नहीं मिली है। उधार व्यवहार लेकर ही जीवनयापन हो रहा है।