बाराबंकी। लखनऊ से वापस लौटते वक्त पत्नी और दो बच्चों के साथ नहर में गिरे पवन का शव घटना के नौ दिन बाद बृहस्पतिवार को जहांगीराबाद क्षेत्र में नहर से जुड़ी एक झील से बरामद हुआ। इससे पहले पत्नी और दोनों बच्चों के शव मिल चुके थे। पुलिस जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई कि पवन शराब के नशे में बाइक चला रहा था। रिश्तेदारों ने उसे नशे की हालत में बाइक चलाने से रोका भी था, लेकिन वह नहीं माना था। नशे की हालत में ही घर जाने की जिद हादसे का सबब बनी और पूरा परिवार मौत के मुंह में समा गया।
पुलिस के अनुसार, फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगौली गांव निवासी पवन दो अप्रैल को लखनऊ के मटियारी इलाके में अपने फूफा के बेटे के तिलक समारोह में गया था। साथ में पत्नी उर्मिला, बेटी रागिनी और बेटा अर्पित भी थे। वापस लौटते समय देवा क्षेत्र में एल-आकार के एक तीखे मोड़ पर पवन बाइक समेत नहर में जा गिरा था। दूसरे दिन पत्नी उर्मिला का शव जैदपुर इलाके में मिला, फिर अगले दो दिनों में दोनों बच्चों के शव बरामद हुए। लेकिन पवन का कोई सुराग नहीं मिला था।
लगातार चले सर्च अभियान के बाद बृहस्पतिवार को जहांगीराबाद की एक झील में एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त पवन के रूप में हुई। देवा कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पवन के रिश्तेदारों से पूछताछ और सीसीटीवी रिकार्डिंग से स्पष्ट हुआ कि बाइक चलाने के दौरान पवन नशे में था।