बाराबंकी। मौसम में बदलाव के बीच सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खौफ भी काफी दिख रहा है। मामूली बुखार होने पर ही लोग जांच के लिए पैथालॉजी पहुंच रहे हैं। वहीं, कई प्रकार की जरूरी दवाएं भी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से मरीजों को बाहर से खरीनी पड़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 1600 मरीज देखे गए। इनमें सर्दी, जुकाम और बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या 442 रही। इसके अलावा सांस और पेट दर्द के मरीजों की संख्या 35 के आसपास बताई गई। दवा लेने आए बोजा के रामप्रकाश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार से परेशान होने पर दवा लेने आए थे। दो घंटे बाद नंबर आया तो दो दवाएं बाहर से लिख दी गईं। गीता देवी ने बताया कि सर्दी, जुकाम और बुखार से परेशान होने पर निजी चिकित्सक से परामर्श लिया था, लेकिन कोई लाभ नहीं होने पर जिला अस्पताल में दिखाया। सुबह दस बजे आ गए थे। तीन दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं। जांच कराने पहुंचे तो कहा गया देर हो गई है, कल आना। वहीं, लोगों में कोरोना को लेकर काफी दहशत है मामूली बुखार आने पर भी लोग जिला अस्पताल की पैथालॉजी में पहुंचकर जांच करा रहे हैं।
जिला अस्पताल में कई दवाएं नहीं हैं। इनमें एमलोडिपिन टेबलेट, ओमेज कैप्सूल, सीपीएम टेबलेट, थाइरोसिन टेबलेट, रेनाटीडिन टेबलेट, बीबी लोशन आदि शामिल हैं। ये दवाएं मरीज बाहर से खरीदने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मरीज सबसे ज्यादा आए, जिन्हें दवाएं दी गईं। अस्पताल में जो दवाएं नहीं है उनकी मांग भेज दी गई है।
डॉ. राजेश कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक