मरीज व तीमारदारों की किसी भी प्रकार की जानकारी व समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला अस्पताल में संचालित रोगी सहायता केंद्र निष्क्रिय होता जा रहा है। काउंटर से कर्मचारी अक्सर नदारत रहते हैं जिससे मरीजों व उनके तीमारदारों को किसी भी जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
मरीज जानकारी के लिए मंगलवार को दिन भर भटकते दिखाई दिए। जिला अस्पताल में रोगियों की सहायता के लिए संचालित किए गए रोगी सहायता केंद्र पर जानकारी देने के लिए कर्मचारी समय पर नहीं मिलते हैं, जिससे रोगियों को डॉक्टर व कमरा नंबर की जानकारी, ब्लड बैंक का पता व अन्य जानकारियों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
पुलिस लाइन निवासी मुनिराज सरोज कब्ज खांसी से काफी दिनों से पीड़ित हैं। मंगलवार को चिकित्सक ने उन्हें कुछ टेस्ट कराने के लिए पर्चा लिखा। जानकारी लेने के लिए जब वह रोगी सहायता केंद्र पर पहुंचे तो वहां कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह अस्पताल के ही एक कर्मचारी से पूछकर टेस्ट कराने के लिए चल दिया।
फ्रैक्चर का नहीं हो पाया एक्स-रे
बंकी निवासी अजीम का एक हादसे में हाथ फैक्चर हो गया। एक्स-रे रूम के बारे में रोगी सहायता केंद्र पर पूछने गई तो वहां कोई मौजूद नहीं था। जिससे वह काफी परेशान होकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों से पूछते-पूछते पहुंची तब तक समय समाप्त हो चुका था।
दो घंटे इंतजार के बाद लौट गई महिला
किरन देवी को कमर का दर्द था वह इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची चिकित्सक के कमरे में जाकर देखा तो डाक्टर मौजूद नहीं थे जिसकी जानकारी रोगी सहायता केंद्र लेनी चाही तो वहां पर कर्मचारी न होने की वजह से वह दो घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
वर्जन-
रोगी सहायता केंद्र पर मरीजों को सुविधा न मिलने की कई शिकायतें मिली हैं। कई बार कर्मचारियों को इस संबंध में हिदायत दी जा चुकी है, फिर भी अगर हालत नहीं सुधर रहे हैं तो इसकी शिकायत शासन से की जाएगी।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल