बाराबंकी। देवा रोड स्थित मुख्य बस स्टेशन पर डग्गामार वाहनों की मनमानी जारी है। रोडवेज प्रशासन के तमाम प्रयासों व निर्देश के बावजूद डग्गामार वाहन बेखौफ तरीके से बस स्टेशन के सामने से सवारियां भरकर विभाग को हर माह लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायत के बाद इसकी रोकथाम को लेकर कार्रवाई सिफर बनी है। रोकथाम के लिए बैठक में दिए गए निर्देश भी सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं।
तहसील नवाबगंज सभागार में एसडीएम आनंद तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यातायात सुधार के लिए कई अहम निर्णय लिए गए थे। निर्देश दिया गया था कि टैक्सी वाहन शहर के भीतर सवारी नहीं ढो सकेंगे, वहीं ई-रिक्शा को शहर की सीमा तक ही अनुमति दी गई थी। जबकि ऑटो व अन्य वाहनों को नगरपालिका पड़ाव स्थल तक ही सीमित रखने का निर्देश दिया गया था। लेकिन धरातल पर लागू न हो पाने के कारण फिलहाल यह कागजी साबित हो रहे हैं।
इसके चलते डग्गामार चालक लखनऊ, फतेहपुर समेत अन्य रूटों पर जाने वाले यात्रियों को कम किराया और जल्दी पहुंचाने का लालच देकर अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। बस स्टेशन परिसर के आसपास टैम्पो और ऑटो चालकों की लंबी कतारें हर समय लगी रहती हैं। ये वाहन निगम की बसों के आगे अपने वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यात्री भ्रमित होकर ऑटो में ही बैठ जाते हैं। आरएम जमीला खातून भी मानती हैं कि डग्गामार वाहन चालकों की मनमानी से निगम को भारी नुकसान हो रहा है। यह वाहन चालक निगम की बसों के आगे अपना वाहन खड़ा कर सवारियां ले जाते हैं। यातायात प्रभारी रामयतन यादव ने कहा कि नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।
एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि डग्गामार वाहनों की धरपकड़ के लिए समय - समय पर अभियान चलाया जाता है। पकड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है। आगे भी सघन जांच अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।