बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर हो रहे विलंब के बीच पंचायती राज पर पूरी तरह प्रशासक प्रणाली लागू हो गई है। पहले ग्राम प्रधान, फिर जिला पंचायत अध्यक्ष व अब ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल बुधवार को आधी रात खत्म हो गया है। अब यहां पर प्रशासक कमान संभालेंगे।
इसको लेकर शासन से आदेश मिलने के बाद जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। उधर, कार्यकाल समाप्त होने के अंतिम दिन ब्लॉकों में लंबित कार्यों को निपटाने का दौर चलता रहा। प्रशासकों के सहारे पंचायती राज विभाग होने के चलते वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में मिलने वाले बजट से विकास कार्यों का संकट जरूर दिखेगा।
जिले के 15 ब्लॉकों में पांच वर्ष पहले 18 मार्च 2016 को शपथ ग्रहण के बाद ब्लॉक प्रमुखों ने कार्यभार संभाला था। बुधवार को आधी रात में ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो गया। ऐसे में अभी तक चुनाव न होने के कारण क्षेत्र पंचायतों की जिम्मेदारी प्रशासक को दी जाएगी। जैसे की पूर्व में ग्राम प्रधान व जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल समाप्त होने को लेकर अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने क्षेत्र पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश डीएम को भेजा है।
इसके बाद जिले के छह तहसील के 15 विकासखंड रामनगर, सूरतगंज, फतेहपुर, निंदूरा, मसौली, बंकी, देवा, हरख, दरियाबाद, बनीकोडर, पूरे डलई, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, सिद्धौर व सिरौलीगौसपुर की क्षेत्र पंचायतों की जिम्मेदारी प्रशासकों को देने की तैयारी में जिला प्रशासन जुटा है। इस समय आरक्षण कार्यों में प्रशासन उलझा हुआ है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में विकास कार्यों का संकट जरूर देखने को मिलेगा।
ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। प्रशासक नियुक्त करने का आदेश मिला है। इसको लेकर समीक्षा की जा रही है। इसके बाद किसको जिम्मेदारी दी जाएगी, इसको लेकर विचार किया जा रहा है। जल्द ही प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे।
-एकता सिंह, सीडीओ