पुरवा हवा के कारण सोमवार को धूप बेअसर रही। पारा भी लुढ़ककर इस सीजन का सबसे कम 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम पारा भी घटकर 21.0 हो गया। ठंड से सभी बेहाल रहे। घटते तापमान में सोमवार को स्कूल खुले तो नौनिहालों की हालत पस्त दिखी।
कृषि विभाग के मौसम विभाग की माने तो पुरवा हवा से कोहरा बढ़ेगा तो उसका असर आमजन जीवन पर पड़ेगा। मगर, फसलों के लिए मौसम फायदेमंद होगा। वाहन चलाने वालों को कुहासे में सावधानी बरतनी होगी।
पछुआ हवा से गलन भरी ठंड व ठिठुरन बढ़ने लगी वहीं सोमवार को चली पुरवा हवा ने कोहरा बढ़ा दिया। प्रशासन ने भले ही अलाव जलाने की औपचारिक शुरूआत कर दी है। मगर, कम्बल वितरण की व्यवस्था अभी फाइलों में टेंडर होने की प्रकिया तक सीमित है।
अभी तक दिसंबर माह के एक पखवारा बीतने के बाद जहां मौसम वसंत ऋतु का एहसास करा रहा था। सुबह सर्द तो दिन में धूप के कारण गर्म कपडे़ शरीर पर चुभने लगते थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से मौसम ने एकाएक करवट बदली।
सर्द पछुआ हवा से गलन भरी ठंड व ठिठुरन का प्रकोप बढ़ने लगा वहीं सोमवार को पुरवा हवाओं ने एक बार मौसम में फिर बदलाव हुआ। प्रतिदिन लुढ़क रहा पारा सोमवार को अधिकतम 21 व न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
ऐसे में महिलाएं ही नहीं, घरो निकलने वाले लोग गरम कपड़ों से शरीर को ढंकने के बाद ही राहत महसूूस कर रहे थे। बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे लेकिन जिला प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय खुलने के समय में कोई परिर्वतन नहीं किया है।
रविवार तक पछुआ हवा से बढ़ी गलन व ठिठुरन तो सोमवार को पुरवा हवा से कोहरा बढे़ेगा। ऐसे में ठंड का असर आम-जनजीवन पर तो पडे़गा। मगर, मौसम फसलों के लिए फायदेमंद होगा। दिसंबर माह में पारा लुढ़क कर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। - राजाराम राय, मृदा रसायन अधिकारी, उप कृषि निदेशक शोध