स्कूलों में झाड़ियां और कबाड़, सांप देख स्कूल का कमरा बंद
बाराबंकी। हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय के पास बैठे जहरीले सांप के काटने से कक्षा तीन के छात्र अंशुल की मौत ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
जांच अपनी जगह चल रही है, लेकिन संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि जिले के कई ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय अब भी बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। कहीं कक्षाओं के आसपास झाड़ियां हैं तो कहीं कबाड़ और कूड़े का अंबार, जो सांपों और अन्य जहरीले जीवों के छिपने के लिए अनुकूल जगह बने हुए हैं।
हरख ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नानमऊ में हालात और भी चिंताजनक मिले। यहां दो दिन पहले एक कक्षा में खिड़की के पास रखा कालीन उठाते समय सांप दिखाई दिया। सांप कालीन के भीतर घुस गया और तब से वहीं होने की आशंका है। विद्यालय की शिक्षिका ने वह कालीन दिखाते हुए बताया कि डर के कारण उस कक्षा में बच्चों को बैठाना बंद कर दिया गया है।
कमरे को बंद कर दिया गया है। मौके पर मौजूद ग्राम पंचायत की सफाईकर्मी ने भी माना कि कालीन में सांप हो सकता है, इसलिए वह उसे हटाने का जोखिम नहीं उठा सकती। हरख के प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा में स्कूल परिसर की घास काटने और सफाई का काम चलता मिला।
हालांकि परिसर में जंग लगा कूड़ादान औंधे मुंह पड़ा मिला और कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण करने के बजाय उसे खुले में जलाया जा रहा था। प्राथमिकि विद्यालय महमदाबाद में कमरों के पीछे कूड़ा व झाड़ियां मिली। शौचालयों के पास भी गंदगी थी।
स्कूलों में झाड़ियां और कबाड़, सांप देख स्कूल का कमरा बंद
स्कूलों में झाड़ियां और कबाड़, सांप देख स्कूल का कमरा बंद