बाराबंकी। लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा रेलमार्ग पर रफीनगर के निकट कोटवा गांव के पास पड़ने वाली रेलवे क्राॅसिंग पर दो लेन का ओवरब्रिज बनेगा। करीब एक किमी लंबे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए शासन ने 54 करोड़ 41 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। पहली किस्त के रूप में 19 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इस ओवरब्रिज के निर्माण से करीब 110 गांवों व कस्बों की लगभग तीन लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
मसौली क्षेत्र में भयारा से सद्दीपुर जाने वाली सड़क पर रफीनगर-कोटवा रेलवे क्राॅसिंग के बार-बार बंद होने से दिन में कई बार जाम लगता है। इससे दोनों ओर के 110 गांवों के साथ मसौली, सफदरगंज तक के लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। सबसे ज्यादा परेशानी कारोबारियों को होती है। ग्रामीण यहां पर ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की मांग कई साल से कर रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग ने इसकी डीपीआर बनाने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा था। आखिरकार रेलवे क्राॅसिंग पर दो लेन के ओवरब्रिज के निर्माण करने के लिए 54 करोड़ 41 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके, इसके लिए करीब 19 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आरके राम के अनुसार यह कार्य विभाग की सेतु विंग कराएगी।
जमीन का होगा अधिग्रहण
पुल के निर्माण के लिए आसपास के किसानोें की जमीनों का अधिग्रहण भी किया जाएगा। इसका मुआवजा दिया जाएगा। निर्माण के दौरान बिजली के खंभे व अन्य चीजों को शिफ्ट किया जाएगा। पुल तक पहुंचने के लिए मार्ग का निर्माण होगा।
यह है ओवरब्रिज का बजट
मुख्य पुल- 14.8 करोड़
भूमि अधिग्रहण- 15.68 करोड़
पहुंच मार्ग, रेलिंग व अन्य- 24.49 करोड़
बढ़ेगा क्षेत्र का कारोबार
रफीनगर-कोटवा क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनने से क्षेत्र के सब्जी, आम के साथ सभी प्रकार के कारोबारियों को बहुत राहत मिलेगी। अक्सर जाम के कारण गंतव्य तक पहुंचने में देर हाे जाती है। इससे क्षेत्र का कारोबार भी बढ़ेगा।
- राममूर्ति यादव, पूर्व प्रधान मेढि़या
जाम से मिलेगी मुक्ति
कई गांवों के बच्चों को स्कूल जाते समय जाम में फंसना पड़ता है। गांवों को जाने वाली एंबुलेंस को भी खड़ा रहना पड़ता है। ओवरब्रिज इस सारी समस्याओं का निदान है। लोगों को जाम से निजात मिलेगी।
- दिलीप कुमार, दुकानदार