बाराबंकी। कुर्सी क्षेत्र से देवा व माती होते हुए लखनऊ के चिनहट तक बनने वाली आउटर फोरलेन सड़क को लेकर वित्तीय स्वीकृति तो एक साल पहले ही मिल गई थी, मगर अब पूरी कार्ययोजना तैयार हो गई है। इस परियोजना के लिए स्वीकृत 468 करोड़ में से 300 करोड़ रुपये सड़क बनाने में लगेंगे। जबकि 50-50 करोड़ से कुर्सी व माती में इंदिरा नहर पर दो पुल बनाये जाएंगे। इसके निर्माण से पहले 7400 पेड़ कटेंगे।
वर्तमान सड़क लखनऊ-कुर्सी-महमूदाबाद मार्ग के किमी 26 से निकलकर देवा होते हुए चिनहट तक जाती है। इस पर ट्रैफिक का लोड होने के कारण आयेदिन लोगों को जाम की परेशानी से जूझना पड़ता है। अप्रैल 2025 में तत्कालीन डीएम शशांक त्रिपाठी ने सर्वे कराने के बाद सड़क के चौड़ीकरण की पहल की थी। जिसके बाद इंटौजा से कुर्सी होकर देवा व फिर यहां से चिनहट तक सड़क बनाने की मंजूरी मिली।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय ने बताया कि मई में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह एक प्रकार से एससीआर का डेवलपमेंट कॉरिडोर होगा।
डीएफओ आकाश दीप बधावन के अनुसार प्रोजेक्ट के लिए 7400 पेड़ों की कटान होगी। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि कुर्सी-देवा-चिनहट मार्ग के किनारे लगे आम, नीम, जामुन और पीपल जैसे पेड़ सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि गांवों की पहचान हैं।