बाराबंकी। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 16 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाना था। जिम्मेदारों की उदासीनता से योजना शुरू होने के सात साल बाद भी अब तक जिले में महज 10 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड ही बन पाए हैं। इतना ही नहीं इनमें से महज 86,690 लोगों को ही इस कार्ड की मदद से इलाज का लाभ मिल सका है। बाकी लाभार्थियों को कार्ड होने के बाद भी इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
शासन की चेतावनी के बावजूद अभी तक छह लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड नही बन सके हैं। योजना का लाभ पाने के लिए पात्र होने के बावजूद लोगों को सीएचसी से लेकर सीएमओ कार्यालय तक के चक्कर काट कर परेशानी उठाना पड़ रही है। लगातार शिकायत के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आयुष्मान कार्ड योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी। आयुष्मान योजना का लाभ कार्डधारकों को मिले इसके लिए जिले में 24 सरकारी ओर 23 निजी अस्पताल संबद्ध किए गए हैं। इसके बावजूद छह लाख लोग कार्ड न बन पाने से योजना का लाभ पाने से वंचित हैं।