बाराबंकी। जिला अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर में भी ऑपरेशन थियेटर की शुरुआत कर दी गई है। अब हादसों में घायल मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं संसाधनों की कमी बता मरीजों को रेफर करना भी आसान नहीं होगा। सीएमएस ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में बनी इमरजेंसी को ट्रॉमा सेंटर में तब्दील करते हुए करीब सात साल पहले इसकी शुरुआत की गई थी लेकिन संसाधनों की कमी के चलते यहां पर आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही थी और ट्रॉमा सेंटर सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया था। हादसों में घायल और गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार कर रेफर करना आम हो गया था।
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के निरीक्षण के बाद अस्पताल की सेवाओं में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। सीएमएस ने ट्रॉमा सेंटर में होने वाली असुविधाओं से उन्हें अवगत कराया था। इसके बाद ही ट्रॉमा सेंटर के दिन बहुरने की उम्मीद जग गई थी। अब ट्रॉमा सेंटर में ओटी शुरू हो जाने से हादसों में घायल मरीजों को जहां बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी, वहीं गंभीर मरीजों को भी रेफर करना आसान नहीं होगा। सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में ओटी शुरू करा दी गई है और व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास लगातार जारी हैं।