परिषदीय विद्यालयों में इस वर्ष नामांकन की प्रक्रिया काफी धीमी है। गत वर्ष मध्य अप्रैल तक जहां 40 हजार बच्चों का दाखिला हो चुका था वहीं अभी तक महज आठ हजार बच्चों के एडमिशन ही परिषदीय विद्यालयों में कराए गए हैं।
नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत एक अप्रैल से हो चुकी है। बच्चों के दाखिले की रफ्तार काफी धीमी होने का कारण परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक स्थिति को माना जा रहा है। इसकी वजह से अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में कराने के बजाए निजी विद्यालयों में कराने को प्राथमिकता देते हैं।
परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक स्तर के सच जानने के बावजूद विभागीय अधिकारी अनजान बने हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैदरगढ़ की शिक्षिका माधुरी देवी के मुताबिक स्कूल के 285 बच्चों में 118 पास हो गए। 67 बच्चे बचे हैं। इसके अलावा अभी तक 13 बच्चों का दाखिला किया गया है।
प्राथमिक विद्यालय लिल्हौरा की शिक्षिका मंजूलता के मुताबिक 114 बच्चों में 15 पास हो गए। स्कूल खुलने के बाद से 17 बच्चों का नामांकन कराया जा चुका है। बच्चों का नामांकन कराने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।