बाराबंकी। वध प्रतिबंधित मवेशियों के तस्करों व जहांगीराबाद पुलिस के बीच शुक्रवार देर रात मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जहां एक बदमाश भाग निकला वहीं दूसरा गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ है। पुलिस ने बदमाश के पास से एक तमंचा, कारतूस, धारदार औजार व बाइक बरामद किया है।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि जहांगीराबाद एसओ दर्शन यादव को शुक्रवार देर रात वध प्रतिबंधित मवेशियों को मारने के लिए जा रहे दो शातिर बदमाशों की सूचना मिली। इस पर जहांगीराबाद पुलिस ने क्राइम ब्रांच व आसपास के थानों से संपर्क साधा और घेराबंदी कर अनखा के जंगल में बदमाशों का पीछा किया। इस दौरान बाइक से भाग रहे बदमाशों ने पुलिस पर फायर कर दिया, जिससे सिपाही दिनेश यादव के हाथ में गोली लग गई।
इस पर शुरू हुई जवाबी फायरिंग में पुलिस ने सतरिख कस्बा में रहने वाले मेराज को घायल कर दिया। पैर में गोली लगने से बाइक सवार दोनों बदमाश गिर गए। पुलिस ने मेराज को तो पकड़ लिया लेकिन उसका साथी भागने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपी के पास से बाइक, तमंचा, कारतूस और वध प्रतिबंधित पशुओं के वध के लिए औजार बरामद किए हैं। एएसपी आरएस गौतम ने बताया कि मेराज पर वध प्रतिबंधित पशु की हत्या के छह मुकदमे दर्ज हैं।
इसका सगा भाई सिराज बड़ा पशु तस्कर है, जो हाल ही में जेल भेजा गया है। बताया कि जहांगीराबाद के सद्दी गांव में गुरुवार सुबह वध प्रतिबंधित पशुओं का वध किया गया था जिसके बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया था। इस वारदात में भी मेराज शामिल था। एसपी ने बताया कि फरार अन्य साथियों की तलाश चल रही है।
खेत में मिले वध प्रतिबंधित मवेशी के अवशेष, तनाव
मसौली। दो दिन पूर्व जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में वध प्रतिबंधित पशुओं के मिले अवशेष के बाद शनिवार को सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जकरिया में एक खेत में मिले वध प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। जंगल की तरह फैली खबर के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पशुपालक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
जकरिया निवासी सुरेश रावत की दुधारू मवेशी शुक्रवार रात घर के बाहर बंधी थी जो रात में कोई खोल ले गया। इसके बाद वध प्रतिबंधित मवेशी का वध कर आरोपी मांस उठा ले गये तथा उसका सिर बगल में ही स्थित सरसों के खेत में फेंक दिया। शनिवार की भोर लोग जब खेतों की ओर गये तो खेत में पशु का अवशेष पड़ा देख हड़कंप मच गया।
सूचना फैलते ही लोगों की भारी भीड़ जुट गयी और मौके पर पहुंचे कार्यवाहक थानाध्यक्ष सफदरगंज दीपेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे सीओ सदर रामसूरत सोनकर ने जांच की। सीओ ने बताया कि अवशेष को मिट्टी में दफनाकर पशुपालक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
चार माह पूर्व भी दो पशुओं के मिले थे अवशेष
ग्राम जकरिया के निकट चोरीछिपे वध प्रतिबंधित पशुओं के वध की कोई नई घटना नहीं है। इससे पूर्व 6 अक्टूबर 2020 की रात को अज्ञात लोग एक किसान की दो मवेशियों का वध कर मांस उठा ले गये थे। अवशेष व सिर खेत में स्थित एक कुएं में मिले थे। इसके बाद अब यह मामला फिर सामने आया है।