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बुखार से युवक की मौत, 11 मिले पीड़ित

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बाराबंकी। डेंगू और बुखार जानलेवा हो चुका है। इसको लेकर लोगों में दहशत का माहौल है। बुधवार को बुखार की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई जबकि बुखार और डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित 11 नए मरीज पाए गए हैं।
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डेंगू से पीड़ित तीन मरीजों की हालत गंभीर होने पर लखनऊ के लिए रेफर किया गया। वहीं बुखार और डेंगू के लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल में 10 बेड का एक और वार्ड बनाया गया है। बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों की अच्छी खासी भीड़ रही।
फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार, मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के ग्राम सुर्जनपुर निवासी राजेंद्र कुमार (29) चार दिनों से बुखार से पीड़ित था। उसका उपचार बेलहरा में एक निजी चिकित्सक के यहां किया जा रहा था। बुधवार को वह अपनी पत्नी खुशबू देवी के साथ फतेहपुर खून की जांच कराने आया था।
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जांच कराने के बाद वह घर जा रहा था तभी रास्ते में अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। इस पर उसकी पत्नी उसे लेकर सीएचसी पहुंची। वहां चिकित्सकों ने राजेंद्र मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पत्नी ने बताया कि दो दिन से तेज बुखार आ रहा था।
इसके अलावा पचघरा निवासी दीपक राजपूत, मुकुन्दीलाल, ब्राहम्णी टोला निवासी अपूर्वा (18) डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार से पीड़ित हैं। वहीं शहर के अलग-अलग मोहल्लों के रहने वाले रामपाल, केसरी, गोपाल, चक्रधारी, रोहन, अनामिका और देवीदीन समेत करीब 11 लोग डेेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित पाए गए हैं।
उधर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल में 10 बेड का एक और वार्ड बनाया गया है। जबकि डेंगू के तीन मरीजों को लखनऊ रेफर किया गया है। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। सीएचसी अधीक्षक को भेजकर जांच कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह 11 अफसरों से जवाब तलब
बाराबंकी। डेंगू और बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फील्ड में जाने में लापरवाही बरत रहे हैं। इससे नाराज जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के 11 अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
डेंगू और बुखार से हो रही मौतों पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ स्तर के सभी अधिकारियों पर फील्ड का भ्रमण कर लोगों को रोगों से बचाव के प्रति जागरुक करने के आदेश दिए थे।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि 27 अक्टूबर को ये अधिकारी फील्ड पर जाने के बजाए ऑफिस में ही बैठे रहे। शाम को समीक्षा बैठक में इनके द्वारा फील्ड पर जाने का कोई साक्ष्य पेश नहीं किया। इससे नाराज डीएम ने सभी 11 अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। संवाद
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