त्रिवेदीगंज। एक निजी चिकित्सालय में महिला के पेट के ऑपरेशन में लापरवाही के मामले में कोर्ट के आदेश पर दो चिकित्सकों के विरुद्ध लोनीकटरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण महिला की आंत फट गई, जिसके बाद उसका इलाज सफेदाबाद के एक अस्पताल में चल रहा है।
रबड़हिया गांव निवासी संदीप कुमार ने बताया कि 20 अगस्त को गर्भवती पत्नी राजवती के पेट में दर्द होने पर उन्होंने हैदरगढ़ कस्बे में अल्ट्रासाउंड कराकर दहिला मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में दिखाया था। वहां के डॉक्टर ने इंफेक्शन बताकर गर्भपात कर दिया। आराम न मिलने पर अगले दिन दोबारा दिखाने पर फिर से अल्ट्रासाउंड किया गया। जिसके बाद महिला का दोबारा ऑपरेशन किया गया। इसके बाद राजवती की हालत और बिगड़ गई। उन्हें लखनऊ के अहमामऊ स्थित एक सेंटर पर सीटी स्कैन के लिए भेजा गया, जहां पता चला कि उनकी आंत फट गई है।
संदीप कुमार ने बताया कि सीएमओ और थाने में शिकायत करने पर आरोपी चिकित्सकों ने 50,000 रुपये देने और अच्छे इलाज का लालच दिया था, लेकिन उनके बहकावे में न आकर उसने पत्नी को सफेदाबाद स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन के बाद महिला की जान बची, लेकिन इलाज में अब तक चार लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। थानाध्यक्ष लोनी कटरा अभय कुमार मौर्या ने बताया कि निजी अस्पताल की डॉ. पूनम यादव और डॉ. कुबेर गिरी के विरुद्ध केस दर्ज करके जांच की जा रही है।