प्रदर्शनकारी जब हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुए तो तहसीलदार सदर उमेश सिंह ने आपा खो दिया। उन्होंने वकील रितेश मिश्र को अचानक थप्पड़ जड़ दिया। इससे माहौल और बिगड़ गया। गुस्साए लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने लोगोें को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा।
एसडीएम सदर नीलम यादव ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग के पास बनाई गई दीवार को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया था और पांच लोगों को जिलाधिकारी से वार्ता करने के लिए बुलाया गया था लेकिन करीब ढाई से तीन सौ लोग आ गए। वार्ता के दौरान ही यह लोग प्रदर्शन करने लगे और इसी बीच हाईवे जाम कर दिया जबकि कमिश्नर निरीक्षण करने आ रहे थे। तहसीलदार ने किसी के साथ मारपीट नहीं की है उन्होंने हाईवे जाम कर रहे लोगों को हटाने का प्रयास किया है। इसके बाद दोबारा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और राजस्व कर्मियों पर रेलवे लाइन के निकट प्रदर्शन किया। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
पुलिस व पब्लिक विवाद में 28 नाजमद व करीब पचास अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल रवींद्र सिंह ने कहा कि उपद्रव करने वाले सभी लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कहा सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
देवा मार्ग रेलवे क्रॉसिंग के पास हुए बवाल मेें लोगों ने लखनऊ से बरौनी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन पर भी पथराव कर दिया। पुलिस अधिकारियोें ने बताया कि हालांकि ट्रेन रुकी नहीं लेकिन ट्रेन में सवार कई यात्री भी इस पथराव में चोटिल हुए हैं। इसके बाद ही पुलिस व आरपीएफ ने लोगों पर लाठियां बरसाने के साथ ही पथराव करना शुरू किया था।