त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। भिलवल विद्युत उपकेंद्र के पैकौली फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित होने से आक्रोशित शिवनाम गांव के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार रात करीब 11:00 बजे उपकेंद्र घेर लिया। लोग अंदर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद लाइनमैन कृष्ण कुमार की पिटाई करते हुए एक कर्मचारी अमरेश कुमार को टॉयलेट में बंद कर दिया।
देर रात करीब 11:45 बजे जेई ने 10 नामजद व 15 अज्ञात के विरुद्ध मारपीट, तोड़फोड़, रजिस्टर फाड़ने की शिकायत की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव शिवनाम की बिजली दो दिन से बाधित थी। शिकायत के बाद भी सुधार नहीं होने पर शुक्रवार देर शाम आक्रोश फैल गया। थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्या ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाएंगे। केस दर्ज किया जा रहा है।
वहीं मसौली क्षेत्र में धरौली रोड पर शुक्रवार दोपहर अज्ञात वाहन की टक्कर से तीन खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे धरौली, जमालपुर, नई बस्ती, बसंत नगर, नया पुरवा गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे करीब तीन हजार आबादी परेशान रही। जेई लालजी ने बताया कि बिजली के खंभे की व्यवस्था की जा रही है, शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
भीषण गर्मी के चलते बिजली संकट गहराता जा रहा है। बिजली की डिमांड सामान्य दिनों की तुलना में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। सामान्य दिनों में जहां रोजाना बिजली की खपत 270 एमवीए (मेगा वोल्ट एंपियर) रहती है, वहीं इस समय 357 एमवीए है। लोड बढ़ने से बिजली आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आ रहा है।
शहर के कंपनी बाग, नेहरू नगर, घोसियाना, आवास विकास समेत कई मोहल्लों में शुक्रवार को दिनभर बिजली की आंखमिचौली चलती रही। कहीं 20 मिनट तो कहीं आधे घंटे तक आपूर्ति ठप रही। अधिशासी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है।
उधर कुर्सी उपकेंद्र के बाबागंज फीडर से जुड़े ताहिरपुर, गड़िया, जमुआ, धौरहरा, हाजीपुर समेत 65 गांवों की बिजली आपूर्ति आठ घंटे ठप रही। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे बिजली कटी तो रात 11:30 बजे आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन डेढ़ घंटे बाद दोबारा बिजली चली गई, जो शुक्रवार भोर चार बजे आई। एक घंटे बाद फिर बिजली चली गई।
टिकरा गांव निवासी आनंद लाल, राम अनुज, सुशील आदि ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मात्र पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। शाम ढलते ही बिजली कटौती शुरू हो जाती है और लो वोल्टेज की समस्या रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई व एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं। जेई विकास शुक्ला का कहना है कि ओवरलोड होने की वजह से कटौती बार-बार की जाती है।