वहीं, इसकी असर लोकल बाजार पर भी पड़ा है जिससे प्याज का भाव अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया। 25 रुपये में बिकने वाला प्याज अब 65 में बिक रहा है। प्याज व्यापारियों की मानें तो अभी प्याज के दाम में और इजाफा होने का अंदेशा है।
जिले में प्याज का दायरा 180 हेक्टेअर था जिसमें करीब चार हजार टन का उत्पादन हुआ था। वह बिक चुका है। जिले में सबसे प्याज की सबसे ज्यादा आवक नासिक की मंडी लासलगांव होती है।
बारिश के कारण गुजरात, राजस्थान, और मध्यप्रदेश में प्याज की खोदाई में देरी हुई। वहीं, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कम बारिश होने के कारण प्याज की पैदावार में भी भारी कमी आई है। 15 दिन पूर्व जिले में 5-6 ट्रक प्याज की आवक होती थी, जो घटकर महज 2-3 ट्रक ही रह गई है जिससे बाजार में प्याज की भारी कमी आई है।
नवीन मंडी के प्याज के आढ़ती राजू का कहना है शुक्रवार को शाम तक मात्र एक ट्रक ही प्याज नासिक से आया जो पहले का आर्डर था। वर्तमान समय में नासिक के प्याज के आढ़ती व बढ़े ट्रांसपोर्टर ने आर्डर भी लेना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि अब जिसका भी आर्डर होगा बढ़े दाम के हिसाब से होगा। भाव में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुई व्यापारी भी सकते में हैं।