बाराबंकी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग तीन लाख छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। सर्दियों के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक तत्व उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन योजना लागू की है।
इस योजना के तहत जिले के 2,636 परिषदीय स्कूलों में अब प्रत्येक बृहस्पतिवार को बच्चों को मिड-डे-मील के साथ गजक, बाजरे का लड्डू, मूंगफली की चिक्की या भुना हुआ चना दिया जाएगा। इसे लेकर सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
यह अतिरिक्त आहार बच्चों की ऊर्जा बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और ठंड के मौसम में उनकी पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। विभाग ने प्रति छात्र सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के लिए पांच रुपये की सीमा तय की है। साप्ताहिक आधार पर आवश्यक सामग्री जैसे गजक, चिक्की या बाजरे के लड्डू निर्धारित मात्रा में बच्चों को वितरित किए जाएंगे। बीएसए नवीन पाठक ने कहा कि लंबे समय से शीतकाल में बच्चों को अतिरिक्त पोषण देने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यह सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन योजना बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह व्यवस्था ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में एक साथ लागू होगी। स्थानीय उपलब्धता के आधार पर मूंगफली की चिक्की, मूंगफली की गजक, बाजरे का लड्डू या भुना चना प्रत्येक छात्र को दिया जाएगा। इसे लेकर सभी बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारियों) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।