बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे सामुदायिक शौचालयों की निगरानी अब एप के माध्यम से होगी। इसी एप पर केयरटेकर की उपस्थिति दर्ज होने के साथ ही शौचालय का इस्तेमाल करने वालों का ब्योरा भी दर्ज होगा ताकि समय से शौचालयों का संचालन किए जाने से इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिल सके।
जिले की 1154 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का संचालन किया जा रहा है। एक ग्राम पंचायत का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण शौचालय संचालित नहीं हो पाया है। यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को केयरटेकर नियुक्त किया गया है, जिन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपये मानदेय एवं तीन हजार रुपये रखरखाव के एवज में दिए जा रहे हैं।
नियमानुसार इन शौचालयों का संचालन सुबह 5 से 10 बजे तक और शाम को 4 से 8 बजे तक निर्धारित है। इसके बावजूद ज्यादातर शौचालयों का संचालन मनमानी से होने की शिकायतें रहती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम सत्येंद्र कुमार ने इन शौचालयों के संचालन की निगरानी एप के माध्यम से करवाने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में डीपीआरओ को जारी निर्देश में कहा गया है कि इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के सहयोग से एक एप विकसित कराया जाए। इस पर शौचालयों के खुलने व बंद होने के समय के साथ केयरटेकर की उपस्थिति भी दर्ज कराने की व्यवस्था रहेगी। इस एप के माध्यम से शौचालय का इस्तेमाल करने वाले लोगों का ब्योरा भी तैयार होगा। सही ढंग से इसका संचालन होने पर यूजर चार्ज लेने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। डीपीआरओ नीतेश भोंडेले ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एप तैयार करने के लिए ब्योरा जुटाया जा रहा है। जल्द नई व्यवस्था को अमल में लाया जाएगा।