सूरतगंज (बाराबंकी)। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में बुधवार को प्रसूता की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को को सीएचसी सूरतगंज से एक टीम हॉस्पिटल पहुंची मगर अस्पताल बंद मिला। टीम ने वहां नोटिस चस्पा कर तीन दिन में अस्पताल के पंजीकरण से जुड़े कागजात व घटना के संबंध में ब्योरा देने को कहा है। उधर, बढ़ते दबाव के बाद मृतका के परिजनों ने मामले में समझौता कर बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। एसएचओ अनिल सिंह ने बताया है कि इस मामले में परिवारजनों के सुलह करने के कारण कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है।
मोहम्मदपुर खाला थाना के रिक्षली गांव निवासी पवन यादव की पत्नी गुड़िया (27) को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार कोबेल चौराहे पर स्थित तिरुपति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे लखनऊ ले जाकर एक निजी अस्पताल प्रसव करवाया गया। सोमवार को हालत बिगड़ने पर प्रसूता को फिर से तिरुपति अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां हालत बिगड़ने के बाद बुधवार देर रात उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल घेरकर हंगामा काटा। पुलिस ने पूछताछ के लिए संचालक आशीष व कर्मचारी शिवम को हिरासत में ले लिया।
सूरतगंज सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. राजर्षि त्रिपाठी ने बताया कि नोटिस चस्पा करवा दी है। प्रपत्र मांगे गए है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर परिजनों ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराना तो दूर शव का पोस्टमार्टम कराना भी उचित नही समझा। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि जांच के लिए गठित टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।