त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। परिजनों के मना करने के बाद भी प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने एक मासूम को ताबड़तोड चार इंजेक्शन लगा दिए जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद चिकित्सक इससे पहले की इलाज शुरू करते मासूम की मौत हो गई। इकलौती संतान की मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की है।
त्रिवेदीगंज के शुंभा गांव निवासी रामलखन पत्नी साधना के साथ दो माह के बेटे सिद्धार्थ को दिखाने सीएचसी पहुंचे थे। रामलखन ने बताया तबीयत खराब होने पर निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था परंतु सुधार न होने पर बृहस्पतिवार को सीएचसी लेकर आए थे। यहां पर मौजूद डॉ. हिरेंद्र कुशवाहा ने बच्चे को देखा और मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट से इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। लेकिन परिजनों ने इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया इसके बाद भी प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने मासूम को एक के बाद एक चार इंजेक्शन लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। मौके पर मौजूद डॉक्टर कुछ समझ पाते और इलाज शुरू करते मासूम की मौत हो गई।
मासूम के पिता ने कहा मना करने के बाद भी एक साथ चार इंजेक्शन लगाए गए। इलाज में पूरी लापरवाही बरती गई जिससे मासूम की मौत हो गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. हरप्रीत ने बताया कि शिकायत मिली है नोडल अधिकारी के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है।
जिला अस्पताल, महिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षु कार्य कर रहे हैं। इनसे इलाज से लेकर दवा वितरण तक का कार्य लिया जाता है। कभी-कभी इनके गलत इलाज और दवाई देने से मरीजों की जान पर बन आती है। इसके बाद भी जिम्मेदार प्रशिक्षुओं से कार्य लेने से बाज नहीं आ रहे हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि सीएचसी त्रिवेदीगंज में प्रशिक्षु फार्मासिस्ट के इलाज से मासूम के मौत की जानकारी मिली है। सीएचसी अधीक्षक से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई जाएगी।