हैदरगढ़। सीएचसी में मरीजों को बाहर से जांच कराने और दवाएं लाने के लिए मजबूर करने वाले डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई भाजपा नेता अजय तिवारी की शिकायत के बाद हुई है। आरोप है कि उनकी मां के इलाज में चिकित्सक ने निजी पैथोलॉजी से करीब 1500 रुपये की जांचें कराने के लिए लिखा था।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में सरकारी परचे पर लिखी जा रहीं बाहर की दवाएं शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था। इसका संज्ञान लेते हुए सीएमएस डॉ. जय शंकर पांडेय ने आरोपी चिकित्सक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
भाजपा नेता अजय तिवारी ने भी इस मामले में चिकित्सक की शिकायत करते हुए बताया कि वह बृहस्पतिवार को अपनी मां निर्मला तिवारी को पेट दर्द की शिकायत पर सीएचसी लेकर गए थे।
आरोप लगाया कि ओपीडी में मौजूद डॉ. फरहत अली ने बाहर से अल्ट्रासाउंड और खून से संबंधित कई जांचें कराने के लिए परची लिखकर थमा दी।
निजी पैथोलॉजी पर इन सभी जांचों का खर्च करीब 1500 रुपये बताया गया। काफी विरोध के बाद डॉक्टर ने कुछ जांचें अस्पताल की पैथोलॉजी से कराईं। इसके बाद उन्होंने भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित मिश्रा और पंकज दीक्षित सहित अन्य लोगों के साथ सीएचसी अधीक्षक से मिलकर मामले की शिकायत की।
अधीक्षक डॉ. पांडेय ने बताया कि डॉक्टर फरहत अली का स्थानांतरण न्यू सीएचसी सुबेहा से दो दिन पूर्व ही हैदरगढ़ सीएचसी हुआ है। बाहर से जांच और दवा मंगाने के संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।