जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाकर निभाई सिर्फ औपचारिकता
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स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जिला अस्पताल में भले ही अलग से डेंगू वार्ड बना दिया गया है लेकिन प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए इस रोग से पीड़ित जो भी मरीज जिला अस्पताल में आता हैं ब्लड जांच के बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इससे पहले जिले में डेंगू से एक युवक की मौत हो चुकी है।
डेंगू के चपेट में आकर अभी कुछ दिन ही पूर्व शहर के मोहल्ला विजय नगर निवासी एक युवक की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। डेंगू पीड़ित तीन मरीज पाए जाने पर उन्हें उपचार के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
शासन द्वारा अलर्ट घोषित किए जाने के बाद जिला अस्पताल में इस रोग से पीड़ित मरीजों को भर्ती करने के लिए एक अलग आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है। डेंगू से पीड़ित मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं इसकी जांच की व्यवस्था भी जिला अस्पताल में की गई है।
लेकिन मरीज में प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे इस रोग से पीड़ित अब तक जितने भी मरीज मिले हैं सभी को लखनऊ रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा सीएचसी, पीएचसी पर इस रोग से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। यदि कोई मरीज मिल भी जाता है तो उसे सीधे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
डेंगू बुखार दो प्रकार का होता है। एक जिसमें प्लेटलेट्स कम होते हैं और ब्लीडिंग होती है और दूसरा सामान्य तरह का जिसमें केवल तेज बुखार आता है। जिन मरीजों में प्लेटलेट्स कम होते हैं उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अन्य का उपचार जिला अस्पताल में बने वार्ड में भर्ती कर किया जाता है। -डॉ. राजीव सिंह, एसीएमओ
डेंगू रोग को लेकर आम आदमी में किसी प्रकार की दहशत नहीं है। क्योंकि इस रोग से पीड़ित होकर अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है। दो मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए थे जिन्हें उपचार के लिए लखनऊ भेजा गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में एक वार्ड भी बना दिया गया है। डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ