50 से कम माईक्रॉन वाली पॉलिथीन पर प्रतिबंध पहले दिन जिले में पूरी तरह से बेअसर रहा। ठेले वालों से लेकर बड़े दुकानदारों तक पॉलिथीन का बेरोकटोक प्रयोग करते रहे। प्रशासन के अफसर और पब्लिक दोनों कहीं जागरूक नहीं दिखे। नगर पालिका के कुछ कर्मचारी जरूर एक दो जगहों पर खानापूरी करने गए पर उनका कोई असर बाजार पर नहीं दिखाई पड़ा। मजेदार बात यह रही कि प्रयोग करने वाले आज से प्रतिबंध होने की बात से भली भांति जानते जरूर थे।
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यह भी कह रहे थे कि प्रयोग हुआ तो कुछ दिन बाद जुर्माना भी होगा। अभी तो 15 दिन सिर्फ जब्ती होनी है। वहीं जिले में प्रतिदिन 35 से 40 क्विंटल पॉलिथीन का प्रयोग किया जाता है। पॉलिथीन व्यवसायी भी मानते हैं कि अभी सैकड़ों क्विंटल पॉलिथीन से बना मॉल स्टाक में पड़ा है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि बिना विकल्प सुझाए अचानक बंद करने से सभी तबके को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।