मोदी सरकार ने बजट के बजाए किसानों के लिए कर्ज जारी किया है। सरकार कहती है कि किसानों के लिए नया एक्ट लाया जाएगा, आखिर वह एक्ट कब आएगा। पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान अभी तक नहीं करा सकी सरकार, जबकि गन्ना एक्ट में 14 दिन के अंदर भुगतान किए जाने का नियम है। सरकार की किसानों के प्रति इस अनदेखी पर आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और मांगे पूरी नहीं हुई तो किसान लखनऊ तक कूच करेंगे।
शहर के दारापुर गांव के निकट हाइवे किनारे किसानों की महापंचायत को संबोधित करते हुए उक्त उद्गार भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने व्यक्त किए। श्री टिकैत ने पंचायत में हरदोई, अमेठी, फतेहपुर, लखनऊ, इलाहाबाद समेत प्रदेश के कोने कोने से आए करीब 15 हजार किसानों का आभार व्यक्त किया। कहा कि देश से लेकर प्रदेश तक सरकार इन्हीं की है। चुनाव से पहले बड़े बड़े वादे किए गए और किसानों की आय दो गुनी करने को कहा गया लेकिन इसी सरकार में आलू किसान सबसे ज्यादा आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों के फसलों के दाम घटे और डीजल 50 रुपये से 65 रुपये तक पहुंच गया।
किसान जब डीजल का मूल्य दे रहा है तो सरकार उसके फसलों का समर्थन मूल्य क्यों नहीं दे रही है। बातचीत के दौरान श्री राकेेश टिकैत ने कहा कि रमेशचंद्रा की रिपोर्ट सरकार के मौजूद है। वह कमेटी किसानों के फसलों की लागत व वाजिब दाम तय कर सरकार को सौंपा था। उस समय मैं भी मौजूद था, सरकार अगर वह रिपोर्ट पूरी तरह लागू करे तो किसानों की आय बढ़ सकती है। वहीं कार्यक्रम को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, सचिव अनिल तालान, प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह व रामकिशोर पटेल समेत समस्त जिलाध्यक्षों ने संबोधित किया। प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने मुख्यअतिथि को हल भेंट कर स्वागत किया।