नो-ड्यूज बनाने के नाम पर वसूली की शिकायत पर रविवार को जिलाधिकारी ने सूरतगंज ब्लॉक में इसकी जांच कराई। जांच में वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर एक ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी ने पूरे मामले को लेकर गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है।
प्रधानी चुनाव के लिए पहले चरण का नामांकन सोमवार से शुरू हो रहा है। दावेदारों से ब्लॉकों में तैनात कर्मचारी नो ड्यूज देने के बदले में तीन सौ रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर और निंदूरा में दावेदारों से करीब 6 लाख रुपये की वसूली की गई। अमर उजाला ने रविवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के बाद ब्लॉकों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वहीं जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने खबर को काफी गंभीरता से लिया है।
रविवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने इस मामले की जांच कराई तो मौके पर सूरतगंज के ग्राम पंचायत अधिकारी मुनींद्र प्रसाद वर्मा को वसूली करते पाए जाने पर जिलाधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी अभय कुमार शाही ने इसकी पुष्टि की।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और विकास खंड अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि यदि नो-डयूज दिए जाने के नाम किसी भी दावेदार से पैसा लिया गया तो उसे कर्मचारी के खिलाफ सीधे रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। क्योंकि नो-ड्यूज नि:शुल्क है इसकी कोई फीस नहीं है। इसके अलावा तहसील अंतर्गत जितने भी बकाएदार हैं उनकी एक सूची ब्लॉकों और तहसीलों पर चस्पा कर दी जाए।
सख्ती का दिखा असर
जिलाधिकारी की सख्ती का असर तीन ब्लॉकों रामनगर, फतेहपुर और निंदूरा में दिखा। यहां पर रविवार को दावेदारों को बिना पैसा लिए ही नो-ड्यूज दिए गए। लेकिन सूरतगंज में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर इस आदेश का कोई असर दिखाई नहीं दिया। दावेदारों ने नो-डयूज दिए जाने के बदले पैसा मांगे जाने की शिकायत एसडीएम से की। एसडीएम रामनगर सुनील कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है मामले की जांच कराई जा रही है।