सूरतगंज/टिकैतनगर। सरयू की बाढ़ ने जिले के करीब 50 गांवों में जीवन की रफ्तार रोक दी है। कहीं घरों में पानी है तो कहीं खेत नदी में समा चुके हैं। लेकिन सबसे भयावह तस्वीर उन गांवों की है, जहां बाढ़ ने पहुंचने के रास्ते ही बंद कर दिए। रामनगर के जमका, पूरनपुर, परशुराम पुरवा और फाजिलपुर जैसे गांव नदी की दूसरी ओर फंस गए हैं। संपर्क मार्ग पानी में डूबने के बाद ग्रामीणों का आवागमन बंद है।
जरूरी सामान लाना हो या किसी बीमार को अस्पताल पहुंचाना, हर जरूरत नदी के पार जाने से जुड़ी है। इनमें प्रशासनिक राहत नहीं पहुंची है। ग्रामीणों की दुनिया इन दिनों मोबाइल फोन के सहारे बाहर की दुनिया से जुड़ी है। गांव के रामजतन ने फोन पर बताया कि घर में जरूरत का सामान खत्म हो रहा है और खेतों में खड़ी फसल नदी में चली गई।
रामनगर इलाके में सुंदरनगर सबसे पहले इसकी चपेट में आया था। इसके बाद ललपुरवा, कोडरी, बाबापुरवा, मदरहा, सकतापुर, तेवराइनपुरवा, माधवपुर और बल्लोपुर भी प्रभावित हो गए। एसडीएम रामनगर से बात करने केे लिए सरकारी मोबाइल नंबर पर काल गई मगर रिसीव नहीं हुई।