दुष्कर्म की शिकार 13 वर्षीय बालिका की 12 दिन पहले जन्मी बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़िता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। फिलहाल नवजात को एक शिशु गृह में रखा गया है। गोद देने के लिए सबसे पहले उसे ‘फ्री फॉर अडॉप्शन’ किया जाएगा। गोद देने की प्रक्रिया में 60 दिन लगते हैं, लेकिन इस मामले में जल्द फैसला लिया जाएगा। एनओसी के बाद उसके बारे में जानकारी सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि बाल कल्याण समिति बच्ची को गोद देने के लिए जल्द ही एनओसी देगी। इस मामले में 60 दिन की औपचारिकता पूरी करने जैसी बाध्यता नहीं है। कोर्ट के फैसले का पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद ही बच्ची के भविष्य के बारे में फैसला लिया जाएगा।