बाराबंकी। जिला अस्पताल का नेटवर्क सोमवार को एक बार फिर दगा दे गया। जिससे इलाज के लिए आए मरीज पूरा दिन परेशान रहे। घंटों इंतजार के बाद भी जब कई मरीजों को इलाज नहीं मिल सका, तो वे निराश होकर लौट गए। अस्पताल में मौजूद जिम्मेदार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिसका खामियाजा अस्पताल आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,758 मरीज देखे गए। इनमें सर्दी, ज़ुकाम, बुखार और सांस रोग के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। अवकाश के बाद अस्पताल खुला तो इलाज के लिए सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगने लगीं।
परचा काउंटर पर लाइन में खड़े जागेश्वर, नंदिनी, नीतेश, कमलेश और सूफियान ने बताया कि वे सुबह आठ बजे से लाइन में लगे थे और दस बजे परचा बन पाया। बताया कि जब डॉक्टर को दिखाने पहुंचे, तो वहां पहले से ही लंबी लाइन लगी हुई थी। दो घंटे के इंतजार के बाद जाकर डॉक्टर को दिखाकर दवा ली।
वहीं, गोकुल प्रसाद, कौशल किशोर, और रामप्रसाद ने बताया कि अस्पताल में भीड़ इतनी ज्यादा रही कि न तो परचा ही बन सका और न ही डॉक्टर को दिखा सके। पिछले एक माह से मरीज नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा है।
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जांच के लिए अगले दिन बुलाया
मोहित, सत्येंद्र, कविता आदि ने बताया कि दवा लेकर जब हम लोग जांच कराने के लिए पैथाेलॉजी पहुंचे तो यहां पर मौजूद कर्मियों ने कहा कि अब समय निकल गया है जांच कराना है तो अगले दिन आइए। इन लोगों ने बताया कि जांच का समय दो बजे तक हैं लेकिन 11 बजे के बाद ब्लड के सैंपल नहीं लिए जाते हैं।
वर्जन
अस्पताल का नेटवर्क बदलने के लिए अन्य कंपनियों से बात चल रही है, जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। मरीजों को असुविधा से बचाने के और कई प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल