बाराबंकी। सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त करना प्रशासन के लिए कितनी बड़ी चुनौती है, इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि सीओ की अगुवाई में एक सप्ताह पूर्व पुलिस व नगरपालिका टीम ने जहां अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया वहीं चंद दिन बाद ही दुकानदार फिर काबिज हो गए। यहां स्थिति ज्यों की त्यों हो गई। न तो एफआईआर का डर और न ही अभियान का असर दिखा। जिन उद्देश्यों को लेकर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था, वह पूरा नहीं हो सका।
चेतावनी के बाद भी हालात जस के तस
लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर सीओ सिटी, एआरटीओ व नगरपालिका ईओ की संयुक्त टीम ने एक सप्ताह पूर्व अभियान चलाकर फुटपाथ पर लगी सभी दुकानें हटवा दी थी। अतिक्रमण हटवाने के बाद दोबारा काबिज पाए जाने पर एफआईआर की चेतावनी दी थी। मगर चंद दिन बाद ही हालात जस के तस हो गए हैं। पूरी फुटपाथ से लेकर सड़क तक बाइक बाजार वालों का कब्जा है।
टीम के जाते ही फिर से हो जाता है कब्जा
पुलिस व नगरपालिका की टीम ने अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवा दिया था, लेकिन दुकानदार फिर से काबिज हो गए। अभियान के दौरान ठेले वाले भाग जाते हैं, अधिकारियों व टीम के जाने के बाद फिर से सड़क पर कब्जा हो जाता है। स्थायी दुकानदारों के अलावा ठेले वालों की लाइन से दुकान लगती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
फुटपाथ ही नहीं, सड़क तक कब्जा
अभियान के दौरान निबलेट से छाया चौराहा तक अतिक्रमण हटवा कर चेतावनी गई थी, लेकिन इस मार्ग पर फुटपाथ ही नहीं सड़क तक दुकानें सजी हैं। रही सही कसर ठेले व खोमचे वाले पूरी कर देते हैं। निबलेट से छाया चौराहा जाने मार्ग पर नगरपालिका का कार्यालय भी है। इसके बाद भी कोई असर नहीं है।
की जाएगी कार्रवाई
शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। फील्ड पर निकले हैंं, कब्जा हटाने के बाद दोबारा काबिज पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- संजय शुक्ला, ईओ नगरपालिका परिषद