सिद्धौर (बाराबंकी)। क्षेत्र के शिवाला का पुरवा गांव के पास रविवार को नवाबगंज रजबहा की पटरी कट जाने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। सुबह पांच बजे हुई इस घटना के बाद जब ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने नहर का पानी पूरी तरह बंद होने के बाद मरम्मत कराने का आश्वासन दिया।
गांव में रजबहा की पटरी कटने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही किसान घरों से निकलकर खेतों में एकजुट होने लगे। वहां मौजूद किसानों ने बताया कि ठेके पर खेत लेकर खेती करने वाले एक व्यक्ति ने रजबहा में निजी कुलाबा बना रखा था। उसी के चलते रिसाव होने से नहर की पटरी कट गई। शिवाला का पुरवा, जहानाबाद, उस्मानपुर व मखदूमपुर सहित आधा दर्जन गांव के किसानों की पांच सौ बीघा से अधिक मेंथा की फसल जलमग्न हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना सिंचाई विभाग को दी गई, लेकिन देर शाम तक मरम्मत कार्य नहीं शुरू कराया जा सका। वहीं, सिंचाई विभाग की जेई अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक नहर में पानी चल रहा है तब तक पटरी की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा सकता है। पानी बंद होने के बाद ही मरम्मत शुरू होगी। इसके अलावा नहर पटरी पर निजी कुलाबा बनाने वालों को चिन्हित किया गया है। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंता राकेश वर्मा का कहना है कि नवाबगंज रजबहा की पटरी कटने की सूचना मिलते ही रजबहा का पानी प्रतापगंज रजबहा और भानमऊ के पास खोल दिया गया है जो सीधे रारी नदी में जा रहा है।