बाराबंकी। जेल से रिमांड पर लिए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्य नदीम से पूछताछ तेज हो गई है। खुफिया एजेंसियों ने भी कुर्सी क्षेत्र में डेेरा डाल दिया है। शनिवार शाम राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की टीम नदीम को उसके गांव गौराहार ले गई। पूरे घर की तलाशी ली। सूत्रों की माने तो पूछताछ में पता चला है कि नदीम युवाओं को धर्म के नाम पर बरगलाकर संगठन से जोड़ता था और उसने ट्रेनिंग पर भेजने के लिए युवाओं की फौज तैयार की थी।
पीएफआई के सदस्य नदीम को बीते 22 सिंतबर को एसटीएफ ने उसके कुर्सी थाना क्षेत्र स्थित गौराहार गांव से गिरफ्तार किया था। उसके बहराइच निवासी साथी कमरुद्दीन को भी बंदी बनाया गया था। दोनों के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का केस दर्ज कर जेल भेजा गया था। कुर्सी थाने में केस दर्ज होने के कारण मामले की जांच सीओ फतेहपुर को मिली थी।
बीते 11 अक्टूबर को पूछताछ के लिए नदीम को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान पुलिस ही नहीं बल्कि एनआईए, एटीएस व एसटीएफ भी नदीम से लगातार पूछताछ कर रही है।
शनिवार की शाम एनआईए की टीम पूछताछ के दौरान नदीम को उसके गांव गौराहार लेकर पहुंची। टीम ने नदीम के घर की तलाशी ली और यहां भी उससे करीब दो घंटे तक सघन पूछताछ हुई। इसे लेकर अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नदीम से पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को कई अहम राज पता चले हैं।
नदीम धर्म के नाम पर युवाओं को बरगलाकर संगठन से जोड़ रहा था। उसने तमाम युवाओं को संगठन की ओर से दी जाने वाली ट्रेनिंग के लिए तैयार किया था। अधिकतर को केरल भेजकर ट्रेनिंग दी जाती। मगर इससे पहले संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि पीएफआई को बाहरी देशों से होने वाली फंडिंग को लेकर भी कई राज पुलिस व एनआईए को पता चले हैं। नदीम अभी तीन दिन रिमांड पर रहेगा।