हैदरगढ़ (बाराबंकी)। तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सीडीओ एकता सिंह शिकायतें सुन रही थीं। इस दौरान एक युवक ने बरामदे में पहुंचकर अपने ऊपर पेट्रोल डाल आग लगा ली। इससे तहसील में अफरातफरी फैल गई। आनन-फानन कंबल डाल कर आग बुझा दी गई। युवक को लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, उनके भतीजे व राजस्व अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। युवक एक लेखपाल का निजी मुंशी बताया जाता है।
शनिवार को हैदरगढ़ तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था। दोपहर करीब पौने दो बजे लोनीकटरा थाना क्षेत्र के नबीपुर मजरे फिरोजाबाद गांव निवासी लाल डेंगा सिंह उर्फ सुरजीत सिंह तहसील पहुंचे। बरामदे के पास पहुंचते ही उसने एक प्लास्टिक बोतल में भरा पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया और आग लगा ली। आग की लपटों के बीच युवक सभागार की ओर दौड़ा तो लोग सहम गए। गनीमत थी कि तहसील में कंबल था। कर्मचारियों ने आनन-फानन युवक पर कंबल डालकर आग बुझा दी। तहसील में ही मौजूद पुलिस झुलसे युवक को ई-रिक्शा से कुछ दूर स्थित सीएचसी लेकर गई। नायब तहसीलदार ने सीएचसी पर युवक का बयान दर्ज किया है। सीडीओ एकता सिंह भी सीएचसी पहुंच गईं। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे गंभीर अवस्था में लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
तहसील पहुंची घायल की पत्नी इंदू सिंह व माता सुमन सिंह ने रोते हुए बताया कि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, इनके भतीजे ने फोन पर गाली दी और तहसीलदार ने रिपोर्ट दर्ज करवाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। पत्नी ने एसडीएम सुमित महाजन को तहरीर दी है। उधर, इस संबंध में एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने 18 जनवरी को युवक के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था उसकी तथा परिजनों के द्वारा दिए गए शिकायती पत्र की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोचिकित्सक से चल रहा था इलाज
आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक लालडेंगा सिंह उर्फ सुरजीत सिंह का इलाज मनोचिकित्सक से चल रहा है। शनिवार को वह चिकित्सक का पर्चा लेकर शिकायत करने पहुंचा था। बताते हैं कि वहां विपक्षियों को पहले से मौजूद देख दबाव में आकर आग लगा ली। यह भी बताया गया कि दुकान के लिए बैंक से कर्ज लिया था, जिसके संबंध में उसे नोटिस भी मिला है।
सुविधा शुल्क का मामला आया सामने
सुविधा शुल्क की मांग को लेकर विवाद शुरू हुआ। चर्चा है कि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने पुत्र के नाम भूमि की रजिस्ट्री कराई थी। युवक ने दाखिल खारिज के लिए मिलने के लिए फोन किया था जिसके बाद तहसीलदार ने युवक पर रिपोर्ट दर्ज करवाकर जेल भेजने की चेतावनी दी।
बार की मांग-निजी मुंशी रखने की व्यवस्था खत्म हो
तहसील बार एसोसिएशन ने निजी मुंशी रखने की व्यवस्था समाप्त किए जाने की मांग की है। बार के अध्यक्ष यशकरन तिवारी व वरिष्ठ अधिवक्ता अचल कुमार मिश्रा ने कहा कि लेखपाल, राजस्व निरीक्षक समेत न्यायिक कोर्ट पर मुंशी रखे गए हैं, जो फोन करके सुविधा शुल्क की मांग करते हैं।