फतेहपुर/ बेलहरा (बाराबंकी)। दबंगों ने करीब सवा तीन सौ बीघे सरकारी जमीन पर लंबे समय से कब्जा कर रखा था। इनकी पहुंच और रसूख के आगे इस जमीन को खाली कराने का साहस प्रशासनिक अमला भी नहीं जुटा पा रहा था। शनिवार को डीएम की सख्ती और एडीएम के निर्देशन में पहुंची तहसील प्रशासन की टीम ने जमीन को अवैध कब्जे से ही नहीं मुक्त कराया बल्कि दो लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। तैयार फसल को ग्राम समाज के सुपुर्द कर इसे नीलाम कराया जाएगा और इससे होने वाली आय राजकीय कोष में जमा होगी।
मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के ग्राम बसारी में करीब 325 बीघे सरकारी (सीलिंग) की जमीन है। इस भूमि पर कुंदन और धनीराम ने दबंगई के बूते लंबे समय से अवैध तरीके से कब्जा कर रखा था और इस जमीन को बटाई पर देकर खेती करा रहे थे। इस बात की जानकारी जब जिलाधिकारी अविनाश कुमार को हुई तो उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश एडीएम राकेश कुमार सिंह को दिए।
शनिवार को एसडीएम डॉ. सचिन कुमार वर्मा, तहसीलदार राहुल सिंह, नायब तहसीलदार शरद सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुुंचे और जमीन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने जमीन पर लगी आलू और गेहूं की फसल की सांकेतिक जुताई कराकर पूरी फसल को ग्राम समाज के सुपुर्द कराते हुए कहा कि तैयार फसल की नीलामी कराकर इसे प्राप्त आय को राजस्व खाते में जमा करा दिया जाएगा।
वसूलते थे सात हजार रुपये बीघे
बसारी के ग्रामीणों ने बताया कि जिस सरकारी (सीलिंग) की भूमि है पर दबंग कुंदन और धनीराम ने कब्जा कर रखा था उससे वह सात हजार रुपये प्रति बीघे के दाम प्रतिवर्ष की दर से बतौर किराया वसूलते थे। यह जमीन वह लोगों को खेती करने के लिए किराए पर देते थे और इससे होने वाली लाखों की आय को वह खुद हजम कर जाते थे।
सरकारी (सीलिंग) की जमीन है जिस पर गांव के दो लोग लंबे समय से काबिज थे। जमीन पर लगी फसल को ग्राम समाज के सुपुर्द कर दिया गया है और फसल तैयार होने पर उसकी नीलामी कराकर पैसा राजकीय कोष में जमा कराया जाएगा। डीएम, एडीएम के निर्देश पर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है तथा दोनों के खिलाफ थाने में केस भी दर्ज करा दिया गया है।
डॉ. सचिन वर्मा, एसडीएम, फतेहपुर