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Barabanki News: अस्पतालों में नहीं है कई जीवनरक्षक दवाएं

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बाराबंकी। जानलेवा बनी शीतलहर के दौरान अस्पतालों में दवाओं का भी टोटा हो गया है। गोदाम में दवाएं भरी पड़ी हैं पर अस्पताल में मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहीं। ड्रग वेयर हाउस में रखी दवाएं अस्पताल और मरीजों तक तब नहीं भेजी जाएंगी जब उनकी गुणवत्ता की रिपोर्ट नही आ जाती। पिछले ढ़ाई-तीन महीनों से यह रिपोर्ट ना आने से अस्पतालों में दवाएं खत्म हो गई हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है और मरीज महंगे दामों पर बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इन दवाओं की जांच रिपोर्ट कब तक आएगी इसका कोई निर्धारित समय नहीं है। ऐसी दशा में मरीजों की जान दवाओं की जांच में अटकी हुई है।
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सरकारी अस्पतालों में मौजूदा समय में मैनिटाल इंजेक्शन, मेट्रानिडाजोल टेबलेट, मेटफारमिन टेबलेट, सीपीएम टेबलेट, टीटी इंजेक्शन, एब्राक्सिल सीरप, एमाक्सिसीलिन सीरप (बच्चों की), कैल्शियम सीरप, सिप्रोफलााक्सिसीन टेबलेट, डाइक्लोफनिक टेबलेट समेत कई दवाएं ऐसी है जो खत्म हो चुकी है या फिर खत्म होने की कगार पर हैं। इनमें कई दवाएं ऐसी है जिनके नमूने नवंबर और दिसंबर में जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं, परन्तु अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। जांच रिपोर्ट न आने की वजह से इनकी आपूर्ति सरकारी अस्पतालों में नहीं की जा रही है।
अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता न होने के कारण चिकित्सक इन्हें बाहर से लिख रहे हैं। मरीज भी महंगे दामों पर ये दवाएं खरीद रहे हैं। जिम्मेदार अगर थोड़ा गंभीर हो जाएं तो मरीजों को काफी राहत मिल सकती है।
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जिला अस्पताल में इन दवाओं का संकट
जिले अस्पताल में मैनिटाल इंजेक्शन, मेट्रानिडाजोल टेबलेट, मेटफारमिन टेबलेट, सीपीएम टेबलेट, टीटी इंजेक्शन आदि काफी कम मात्रा में बचा हुआ है जो किसी भी समय खत्म हो सकता है। इसकी आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है परन्तु दवाओं की आपूर्ति करने वाली फर्में इन दवाओं की आपूर्ति समय से नहीं कर पा रही है।
वर्जन
कई दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजे गए थे लेकिन इनमें से कई दवाएं ऐसी है जिनकी जांच रिपोर्ट एक माह बीत जाने के बाद अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है। इस वजह से दवाओं की आपूर्ति अस्पतालों को नहीं की जा रही हैं। ड्रग वेयर हाउस में सभी प्रकार की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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