बाराबंकी। बीते साल नकली विदेशी खरबूजा बीज बेचने के मामले की सुनवाई उपभोक्ता फोरम में चल रही है। इस मामले में बीज कंपनी ने अपने बयान में पल्ला झाड़ लिया है जबकि दुकानदार सुनवाई की तारीख पर हाजिर नहीं हो रहा। कंपनी ने कहा कि विक्रेता ने जो बीज बेचा, वो उनकी कंपनी का नहीं था। उनके अनुसार, नकली आवरण और बीज बेचा गया था। इसके लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है।
बीज कंपनी के प्रतिनिधि ने यह बयान देकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है मगर न्यायालय के सामने कंपनी यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि बीते चार साल से उनके उत्पाद बेच रहे दुकानदार पर पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता सर्वेश कुमार ने बताया कि बीज कंपनी इतनी आसानी से नहीं बच पाएगी। अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
यह है मामला
फतेहपुर क्षेत्र के हसनपुर टांडा के रामदास, राम प्रसाद सहित दो दर्जन किसानों ने एक बीज विक्रेता से करीब 12 लाख रुपये का बीज खरीदा था। इस नकली बीज के कारण पौधों में खरबूजे के फल नहीं आए, जिससे किसानों को लगभग 40 लाख रुपये की फसल का नुकसान हुआ। जिला कृषि अधिकारी ने जांच के बाद थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था, जो अभी लंबित है। किसानों ने अपने नुकसान की भरपाई के लिए उपभोक्ता फोरम में अपील की है, जिसकी सुनवाई चल रही है।