बाराबंकी। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में बिहार के एक सीमेन व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। व्यापारी के जिस साथी ने पुलिस को हत्या की सूचना दी, जांच में वही कातिल निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तमंचा भी बरामद कर लिया। शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सीएन सिन्हा ने मामले का खुलासा किया।
एएसपी ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसरा थाने के डकवर टोली गांव निवासी नयन कुमार के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नयन कुमार कुर्सी थाना क्षेत्र के पिलहटी गांव निवासी राहुल मौर्य के साथ पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान में प्रयुक्त होने वाले सीमेन का कारोबार करता था। वह परिवार के साथ लखनऊ के इंदिरानगर में किराए के मकान में रहता था। उसकी पत्नी जूली ने कुर्सी थाना क्षेत्र के पिलहटी गांव निवासी राहुल व शैलेंद्र कुमार के खिलाफ पति की हत्या का केस दर्ज कराया। जांच में पता चला कि हत्या की सूचना तो राहुल ने ही दी थी।
पूछताछ में सीतापुर के शैलेंद्र कुमार पर हत्या का आरोप लगाया। लेकिन सर्विलांस की जांच में शैलेंद्र की बजाय राहुल की लोकेशन मौके पर मिली। तब पुलिस ने राहुल को दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर राहुल ने नयन कुमार की हत्या करने की बात स्वीकार की। एएसपी ने बताया कि नयन कुमार, राहुल व शैलेंद्र लखनऊ की यूपीएडीआई कंपनी में काम करते थे। पिछले साल तीनों ने यहां से नौकरी छोड़कर नयन कुमार की पत्नी के नाम से एक कंपनी बनाकर स्वयं सीमेन आपूर्ति करने का कारोबार शुरू किया।
राहुल ने अपने पिता की जमीन की गारंटी देकर एक वाहन कंपनी के लिए खरीदा। लेकिन कुछ दिन पहले रुपयों के लेनदेन में विवाद के कारण नयन कुमार ने शैलेंद्र को कंपनी से निकाल दिया था। कंपनी का हिसाब-किताब नयन कुमार स्वयं रखता था। राहुल द्वारा रुपये मांगने पर नयन कुमार उसे भी कंपनी से निकालने की धमकी देता था। इसी को लेकर राहुल ने नयन कुमार की हत्या की साजिश रची।
उसने तमंचे का इंतजाम किया। बृहस्पतिवार को नयन कुमार व राहुल अमेठी जिले से सीमेन बेचकर लखनऊ लौट रहे थे। इसी दौरान टोल टैक्स बचाने के लिए राहुल कार रौनी-बारा मार्ग पर ले आया। रास्ते में उसने अचानक नयन कुमार के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। राहुल ने पुलिस को बताया कि उसका प्लान था कि हत्या के आरोप में शैलेंद्र जेल भेज दिया जाता और नयन कुमार की पत्नी बिहार चली जाती तो पूरे कारोबार पर उसका अधिकार हो जाता।