बाराबंकी। हत्या के एक चर्चित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जिले के चंद्रमौलि को अब रिहा किया जाएगा। करीब दो दशक जेल में बिताने के बाद उसके अच्छे आचरण ने आजादी की दहलीज तक पहुंचा दिया है। राज्यपाल ने मुहर लगा दी है।
बदोसराय क्षेत्र के तासीपुर गांव निवासी चंद्रमौलि को वर्ष 2009 में हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट-8 ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ 27 अप्रैल 2020 को हाईकोर्ट में अपील की गई, लेकिन अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
इसके बावजूद चंद्रमौलि ने जेल में अपने व्यवहार और अनुशासन से अलग पहचान बनाई। अब तक वह 20 वर्ष की सजा पूरी कर चुके हैं। जेल प्रशासन ने उनके आचरण को देखते हुए दया याचिका राज्यपाल को भेजी, जिस पर मुहर लगते ही उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। शासन के उप सचिव कमलेश कुमार के अनुसार, 50 हजार रुपये के मुचलके पर बंदी को रिहा करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।