सूरतगंज (बाराबंकी)। वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए बुजुर्ग की विपक्षियों ने भूमि विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांव के बाहर चकमार्ग के किनारे बृहस्पतिवार की सुबह शव मिलने से हड़कंप मच गया। आननफानन पुलिस व परिवारीजन मौके पर पहुंचे। भाई की तहरीर पर गांव के ही चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एएसपी उत्तरी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई हैं। मामला मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बबुरी मजरे दुर्गापुर गांव की है।
यहां के निवासी राम विजय यादव ने बृहस्पतिवार को पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसका भाई संतराम उर्फ गोधन (60) बुधवार को गांव में ही एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के बाद खेत की रखवाली करने गया था। आरोप है कि वहां भूमि विवाद की रंजिश में गांव के ही पप्पू उर्फ कृष्ण पाल, टिल्लू उर्फ देवेंद्र पाल यादव, अमरेश व दिलीप ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उसने पुलिस को बताया कि आरोपी उसकी भूमि पर मवेशी बांधकर कब्जा कर रहे थे। इसको लेकर उनसे विवाद चल रहा था।
भाई ने भूमि की पैमाइश कराने की अर्जी दी थी। इससे नाराज विपक्षियों ने जान से मरने की धमकी दी थी। बृहस्पतिवार की सुबह सवा सात बजे वृद्ध का शव गांव के बाहर पिपरीघाट से दुर्गापुर कच्चे मार्ग के पास बाग में मिला। उसके पेट में गोली लगी थी तो चेहरे समेत शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी मिले। इसकी सूचना पर सीओ योगेंद्र कुमार व प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं मृतक के घर में कोहराम मच गया। संतराम अविवाहित था।
एएसपी उत्तरी पूर्णेंदु कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण की वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच व पुलिस की तीन टीमें लगाईं। एएसपी ने बताया कि मामले में चार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में कृष्ण पाल यादव व देवेंद्र पाल यादव पर मोहम्मदपुर खाला थाने में मारपीट व एससी-एसटी के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
तहसील व पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
बुजुर्ग की हत्या के बाद परिवारीजनों ने तहसील व पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के भाई रामविजय ने बताया कि भूमि की पैमाइश के लिए जनवरी में तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर पैमाइश का आदेश हुआ था। लेकिन तहसील प्रशासन ने पैमाइश तक नहीं की। आरोप है कि हत्या में शामिल आरोपियों ने मृतक के खेत में खूंटा गाड़ कर कब्जा कर लिया था। इससे दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने शांतिभंग तक की कार्रवाई नहीं की थी।