बाराबंकी। सरयू नदी में आने वाली बाढ़ से सैकड़ों परिवार घर से बेघर हो जाते हैं। ऐसे लोगों के ठहरने के लिए रामनगर क्षेत्र के बतनेरा में बहुउद्देश्यीय बाढ़ आश्रय स्थल बनाया जाएगा। शासन ने इसके लिए करीब 5.82 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है। शासन स्तर से कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। ऐसे में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हाेने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरयू नदी में आने वाली बाढ़ से जिले की तीन तहसीलों सिरौलीगौसपुर, रामनगर और रामसनेहीघाट के दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी प्रति वर्ष प्रभावित होती है। गांवाें में पानी भर जाने की वजह से यहां के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध या फिर हेतमापुर बंधे पर शरण लेते हैं। प्रशासन ने तराई के लोगों की समस्या को देखते हुए रामसनेहीघाट के खजुरी, रामनगर के बतनेरा और मोहडवा, सिरौलीगौसपुर के नैपुरा और पानापुर में बाढ़ आश्रय स्थल बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था।
शासन ने फिलहाल जिले में एक बहुउद्देश्यीय बाढ़ आश्रय स्थल बनाए जाने की स्वीकृति दे दी है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद प्रशासन ने रामनगर के बतनेरा का चयन किया है। यह बहुउद्देश्यीय भवन तीन मंजिला होगा और इसमें एक साथ करीब 300 लोग आसानी से रह सकेंगे। बाढ़ के समाप्त होने के बाद इस भवन को अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में भी प्रयोग किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इसे इसी तरह का बनाए जाने की तैयारी है।
रामनगर क्षेत्र के बतनेरा में सरकारी जमीन उपलब्ध है, जहां पर बहुउद्देश्यीय बाढ़ आश्रय स्थल बनाने की तैयारी है। जमीन की जांच के लिए रामनगर एसडीएम और कार्यदायी संस्था को मौके पर भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा।
- अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी