बाराबंकी। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी व उसके 12 साथियों पर दर्ज गैंगस्टर के मामले में बृहस्पतिवार को एमपीएमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से जबकि उसके साथी जफर उर्फ चंदा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। इस दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने एआरटीओ से जिरह पूरी की। जिरह को मुख्तार बड़े ध्यान से सुनता रहा। अब मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।
21 मार्च 2013 को बाराबंकी के एआरटीओ में फर्जी दस्तावेज से एक एंबुंलेंस का पंजीकरण हुआ था। मार्च 2021 में यह एंबुलेंस पंजाब की रोपड़ जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मुख्तार अंसारी द्वारा प्रयोग करती पाई गई तो दो अप्रैल 2021 को बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने मऊ के डॉ. अलका राय के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया। इसमें मुख्तार अंसारी व 12 अन्य आरोपी बने।
इसी केस के आधार पर बीते 25 मार्च 2022 को शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगो के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। गैंगस्टर का मामला एमपीएमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। पेशियां हो रही हैं। बृहस्पतिवार को इसी की सुनवाई हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी व संतकबीरनगर जेल में बंद इसी केस के आरोपी जफर उर्फ चंदा को पेश किया। सुनवाई के दौरान एंबुलेंस को लेकर केस दर्ज कराने वाले जिले के तत्कालीन एआरटीओ पंकज कुमार सिंह से मुख्तार के वकीलों ने सवाल किए। जिरह के दौरान एंबुलेंस के पंजीकरण से जुड़ी बातें हुई। आखिरकार एआरटीओ से जिरह पूरी हो गई। कोर्ट ने अग्रिम साक्षी के लिए सुनवाई की तारीख एक सितंबर तय की है।