बाराबंकी। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी व उसके 12 साथियों की पेशी बृहस्पतिवार को एमपीएमएलए कोर्ट में नहीं हो सकी। गाजीपुर के एक मामले में मुख्तार को पेश किए जाने के दौरान बाराबंकी में वीडियो कांफ्रेंसिंग कनेक्ट ही नहीं हो सकी। गवाह के रूप में आए एआरटीओ व गैंगस्टर के तीन आरोपी घंटों बैठे रहे। अब मामले की सुनवाई 17 अगस्त को हाेगी।
फर्जी कागजों से एंबुलेंस पंजीकृत कराने का केस दर्ज होने के बाद शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी व 12 अन्य के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया था। इस केस का ट्रायल जिले की एमपीएमएलए कोर्ट में चल रहा है। मुख्तार अंसारी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। बृहस्पतिवार को भी सुनवाई होनी थी। एंबुलेंस वाला केस दर्ज कराने वाले बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज कुमार सिंह गवाह के रुप में अदालत में हाजिर हुए थे। जबकि मुख्तार अंसारी के साथ गैंगस्टर के मामले में आराेपी बनाए गई मऊ की डॉ. अलका राय, डॉ. शेषनाथ व राजनाथ यादव भी अदालत पहुंचे थे।
शेष आरोपियों को हाजिरी माफी दी गई। लेकिन शाम चार बजे तक भी सुनवाई नहीं हो सकी। सहायक शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि, बृहस्पतिवार को गाजीपुर की अदालत में सुनवाई हो रही थी। वीडियो-कांफ्रेंसिंग कनेक्ट नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख नियत की है।