विभागीय उदासीनता व अनुरक्षण के अभाव में क्षेत्र के बांसभारी व खपरैला के बीच मसौली रजबहा कट गया। दस मीटर कटान से करीब 500 बीघे फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिस स्थान पर नहर कटी थी उसके पास करीब दस बीघे धान की फसल सिल्ट से पट गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो गया है।
विकास खंड मसौली के ग्राम बांसभारी व खपरैला के बीच बुधवार की देर रात करीब दस मीटर रजबहा कट गई। नहर कटने की शिकायत ग्रामीणों ने तत्काल सींचपाल को दी। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तेज बहाव होने के कारण आस पास के गांवों की करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई। रजबहा बांसभारी निवासी मनबहार यादव के खेत में कटी थी उसी के पास रामहरख वर्मा, राजाराम यादव व रामनरेश यादव का खेत है जो सिल्ट से पट गया।
इन किसानों का कहना है कि जैसे ही नहर कटी इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कर पानी बंद कराने की मांग की गई। लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। दूसरे दिन ग्रामीणों ने रेगुलेटर से पानी बंद किया। पानी का बहाव तेज होने के कारण आस पास के खेत बालू से पट गए।
गांव के अवधराम, रामनरेश, रामू वर्मा, उमाशंकर, सुनील, जगदीश, प्रमोद, उमेश, अर्जुन, राकेश, नरेश व बाबादीन आदि का कहना है कि करीब चार गांवों की हजारों बीघे धान की फसल जलमग्न हुई है। रात भर नहर से पानी आने के कारण भयारा सड़क व आस पास की बागों में भर गया। ग्रामीणों का कहना है नहर की पटरियां काफी कमजोर हैं इस ओर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। तीसरे दिन भी सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
मसौली रजबहा कटने की सूचना मिली है। कर्मचारियों को मौके पर भेजकर नहर पटाने का कार्य शुरु करा दिया जाएगा। और जहां-जहां पटरी कमजोर है उसे भी सही कराया जाएगा।
- बीपी सिंह, अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग