बाराबंकी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में जहां 19 लाख मतदाता बचे हैं, वहीं विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद मतदाता सूची में 23 लाख मतदाता हो गए हैं। देखा जाए तो करीब चार लाख मतदाता पंचायत चुनाव की सूची में ज्यादा दर्ज हैं। इसको लेकर सवालिया निशान भी उठने लगे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो शहर में रहने के साथ ही गांव में मतदाता बने रहना चाहते हैं। यह वजह है कि दोनों सूचियों में बड़ा अंतर आया है। छह जनवरी को अनंतिम सूची जारी होने वाली है।
एसआईआर से पहले विधानसभा की सूची में 23 लाख 31 हजार से अधिक मतदाता थे। हाल में कराए गए एसआईआर के बाद विधानसभा सूची में 19 लाख 57296 मतदाता रह गए हैं। बताया जाता है कि सत्यापन के दौरान पाया गया कि 71,407 मतदाता ऐसे सूची में दर्ज हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। 90,358 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कोई अता-पता ही नहीं है। एक लाख 76,695 मतदाता ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। वहीं 27,476 मतदाता डुप्लीकेट की श्रेणी में हैं। कुल तीन लाख 73,175 मतदाता हैं, जो एसआईआर के बाद कम हुए हैं। वहीं पंचायत चुनाव को लेकर विशेष पुनरीक्षण अभियान से पहले मतदाता सूची मेें 22 लाख 75630 मतदाता थे, लेकिन अनंतिम सूची प्रकाशन के बाद 23 लाख 59277 मतदाता हो गए हैं। इस प्रकार से देखा जाए तो विधानसभा की सूची से पंचायत चुनाव की सूची में करीब चार लाख मतदाता अधिक हैं। एडीएम निरंकार सिंह बताते हैं कि दोनों की अनंतिम सूची छह जनवरी को प्रकाशित होगी, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सूची से नहीं हटे डुप्लीकेट, मृतक और बाहरी मतदाताओं के नाम
सिरौलीगौसपुर। पंचायत चुनाव में मतदाता पुनरीक्षण के बाद भी ग्राम पंचायत खजुरिया की मतदाता सूची में उमा मिश्रा के दो नाम शामिल हैं। जबकि 10 साल पहले मृतक हुई दुर्गा देवी पत्नी रामदीन का नाम शामिल है। वहीं परिवर्तन कराए गए नाम दुरुस्त नहीं किए गए हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत हजरतपुर की मतदाता सूची में नगर पंचायत नवाबगंज के सफदर मेहंदी, मुजफ्फर मेहंदी, नकज मेहंदी, आसमा बानो, हैदर रिजवी, जरगाम रिजवी तथा नगर पंचायत जैदपुर के कमर अहमद, नसरीन फातिमा आदि के नाम जुड़े हैं। गांव के इरफान अहमद ने शिकायत जिलाधिकारी से की है। खंड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता ने बताया कि जांच कर नाम हटाए जाएंगे।